श्रीगंगानगर के स्वामी ब्रह्मदेव जी महाराज को मिलेगा पद्मश्री, समाजसेवा को मिला राष्ट्रीय सम्मान

✍️ कृष्ण आसेरी श्रीगंगानगर राजस्थान

श्रीगंगानगर भारत सरकार द्वारा गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर घोषित पद्म पुरस्कारों में श्रीगंगानगर के संत एवं समाजसेवी स्वामी ब्रह्मदेव जी महाराज को पद्मश्री सम्मान दिए जाने की घोषणा की गई है। इस सम्मान की जानकारी मिलते ही क्षेत्र में हर्ष और गौरव का माहौल है। स्वामी ब्रह्मदेव जी महाराज श्री जगदंबा अंध विद्यालय एवं मूक-बधिर विकलांग संस्थान के संस्थापक हैं, जिन्होंने अपना संपूर्ण जीवन दिव्यांगजनों की सेवा में समर्पित कर दिया।पद्मश्री सम्मान की घोषणा के बाद स्वामी ब्रह्मदेव जी महाराज ने इसे व्यक्तिगत उपलब्धि मानने से इनकार करते हुए भावुक शब्दों में कहा कि यह किसी एक व्यक्ति का प्रयास नहीं है। उन्होंने कहा, “यह सम्मान आप सभी की मेहनत का परिणाम है—अध्यापकों की मेहनत, डॉक्टरों की मेहनत और संस्थान से जुड़े हर कर्मचारी की मेहनत। किसी भी संस्था को केवल इमारत नहीं बनाती, बल्कि उस इमारत में होने वाला कर्म और वहां अपना खून-पसीना बहाने वाले लोग ही असली संस्थान होते हैं।”उन्होंने आगे कहा कि भारत सरकार ने जो सम्मान उन्हें दिया है, वह वे पूरे संस्थान परिवार को समर्पित करते हैं। स्वामी ब्रह्मदेव जी महाराज ने बताया कि श्री जगदंबा अंध विद्यालय की स्थापना 13 दिसंबर 1980 को नेत्रहीन बच्चों के लिए की गई थी, जहां उन्हें निःशुल्क शिक्षा, छात्रावास और संपूर्ण देखभाल दी जाती है। साथ ही संस्थान में मूक-बधिर विद्यालय और श्री जगदंबा धर्मार्थ नेत्र चिकित्सालय भी संचालित है, जहां वर्षों से हजारों जरूरतमंदों का निःशुल्क उपचार किया जा चुका है।पद्मश्री सम्मान ने न केवल स्वामी ब्रह्मदेव जी महाराज, बल्कि श्रीगंगानगर की समाजसेवी परंपरा को राष्ट्रीय पहचान दिलाई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!