गुमनामी के अंधेरे में रोशनी का दीप जला रहे ‘इन्सांं’ 10 साल से सड़कों पर भटकने वाला प्रमोद पहुंचा अपनों के बीच

डेरा सच्चा सौदा के 172 मानवता भलाई कार्यो में शामिल 89 वां कार्य इंसानियत बना जरिया

लखजीत सिंह, श्रीगंगानगर

संगरिया। डेरा सच्चा सौदा के पूज्य गुरु संत डॉ गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां द्वारा चलाए 172 मानवता भलाई कार्यो में शामिल 89वें कार्य इंसानियत के तहत संगरिया ब्लॉक के सेवादार भाइयों ने 10 साल से घर से निकले लगभग 46 वर्षीय बेसहारा लाचार और बीमार व्यक्ति की सार संभाल और इलाज करवाने के बाद परिजनों का पता लगाकर प्रशासन की मौजूदगी में उनके सपुर्द किया।

जानकारी के अनुसार बीते दिन डबवाली रोड पर एक लगभग 46 साल का व्यक्ति जो कि मानसिक रूप से परेशानी की हालत में बेसहारा घूम रहा था जिसे वहां पर मौजूद ब्लॉक बरीवाला के गांव साधेवाला निवासी सच्ची प्रेमी समिति सेवादार सतपाल सिंह इन्सां, जसकरण सिंह इन्सां, टेक सिंह इन्सां ने देखा तो वे उसके पास पहुंचे।वह व्यक्ति मैले कुचेले बदबूदार लिबास पहने हुए था और भूख से व्याकुल नजर आ रहा था और अपने बारे में कुछ भी बताने में असमर्थ था ऐसे में सेवादार भाई रात्रि को ही उसे संगरिया लेकर आए।

शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेलफेयर कमेटी के जिम्मेवार भाई लालचंद इन्सां व महेश गोयल इन्सां उनके पास पहुंचे और उसकी सूचना पुलिस थाना मे दी। इसके बाद सेवादार उसे एमएससी डेरा सच्चा सौदा व मानवता भलाई केंद्र संगरिया में लेकर आए। उसके दाढ़ी कटिंग करवाई उसे नहलाया, कपड़े बदले नाखून काटे। सेवादार भाई दिन रात उसकी सेवा में लगे रहे और उसकी अपनों से बढ़कर संभाल करते रहे। साथ ही सोशल मीडिया के सहारे उसके निवास स्थान और परिजनों का पता लगाने में साध-संगत जुट गई।

उसकी हालत में कुछ सुधार होने लगा। लगातार काउंसलिंग के बाद उसने अपना नाम प्रमोद कुमार निवासी राजापुरा कलां उतर प्रदेश बताया। प्रमोद के बताने अनुसार उत्तर प्रदेश के सच्चे नम्र सेवादार रामफल इन्सां व सेवादारों के सहयोग से मात्र 2 दिन में तलाश पूरी हो गई। सेवादारों का उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के राजापुरा कलां में रहने वाले प्रमोद के परिजनों से संपर्क हुआ तो प्रमोद के पुत्र धीरेन्द्र सोनकर ने बताया कि उसके पिता लगभग 10 साल पूर्व मानसिक परेशानी के चलते घर से बिना बताए कहीं चले गए। हमने कई जगह तलाश की लेकिन कहीं कोई पता नहीं चला।

एक दशक बीत जाने के बाद जब उसके पिता की सही सलामत होने की खबर मिली तो वह अपने मामा देवतादीन और फूफा जल्लालू को साथ लेकर रेलगाड़ी द्वारा संगरिया पहुंचा। संगरिया आकर जब अपने पिता को सुरक्षित पाया तो उसकी खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा वही प्रमोद भी अपने परिजनों से मिलकर बहुत खुश नजर आ रहा था। प्रमोद के परिजन सभी सेवादार भाइयों व पूज्य गुरु संत डा.गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां का बार बार धन्यवाद कर रहे थे। सेवादार भाइयों ने सभी कागजी कार्यवाही पूरी कर संगरिया पुलिस के सब इंस्पेक्टर प्रमोद सिंह की मौजूदगी में मानसिक रूप से परेशान प्रमोद को उसके परिजनों को सौंप दिया।

सब इंस्पेक्टर प्रमोद सिंह ने डेरा सच्चा सौदा द्वारा किए जा रहे मानवता भलाई कार्यो की मुक्त कंठ से प्रशंसा करते हुए कहा कि नर सेवा ही नारायण सेवा है गुमनामी के अंधेरे में जीवन व्यतीत करनेवाले मानसिक रूप से परेशान रोगियों की सार सम्भाल करना, उनका इलाज करवाना और उनके परिजनों तक पहुंचना बहुत बड़ी सेवा है। डेरा सच्चा सौदा की साध संगत इन सेवा कार्यों से अपने गुरु अपने क्षेत्र और पूरे भारत का नाम रोशन कर रहे हैं।

इस पुनीत कार्य में शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेलफेयर कमेटी के जिम्मेवार भाई लालचंद इन्सां के अलावा महेश गोयल इन्सां विजय चुग इन्सां विनोद हांडा इन्सां रविंद्र खोसा पवन इन्सां अमराराम इन्सां सुखदेव इन्सां हरप्रीत इन्सां बबलू इन्सां संदीप बाघला इन्सां सुरेन्द्र जग्गा इन्सां 15 मैंबर प्रबल गोयल इन्सां, लवली गर्ग इन्सां सुरजीत खोसा इन्सां, गुरचरण खोसा इन्सां ब्लॉक प्रेमी सेवक ओमप्रकाश बुडानिया इन्सां, का सहयोग रहा।

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