
देहदानी परिवार ने पांच जरूरतमंद गरीब परिवारों को दी राशन कीटे

✍️महेंद्र सिंह परवाना चुनावढ
स्थानीय नाम चर्चा घर में गुरुवार को मास्टर प्रेमी ज्ञानी राम इंसा की देहदान के कर्म में अंतिम अरदास इलाका की साध संगत ने पहुंचकर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी डेरा सच्चा सौदा के संत डॉक्टर गुरमीत राम रहीम सिंह की पावन प्रेरणा के चलते चुनावढ निवासी मास्टर प्रेमी श्री ज्ञानी राम इंसा ने अपना शरीर ब्लॉक चूनावढ के द्वारा मानव भलाई के लिए मेडिकल कॉलेज झझर हरियाणा को शरीर दान किया गया था

उसी क्रम में गुरुवार को उनकी अंतिम अरदास पर सत्संग कीर्तन में प्रेमी मनीष कुमार व नंदलाल गुबर ने भजन हड्डियां दी राख बणी, तेरे ददा दे बनण गे कोले और ओ भोले पंछी सोच जरा तेरा असली कहां ठिकाना है सुनाकर संगत को निहाल किया

इस दौरान एलईडी वीडियो के माध्यम से एमएसजी का डेरा मुखी संत जी के अनमोल प्रवचनों में कहां की मालिक के चरणों में सबने बारी-बारी से जाना है

उन्होंने कहा मरना तो सच है जीना तो एक सपना रूपी है इंसान को मालिक प्रभु का सिमरन करना चाहिए जिससे इंसान के कष्ट कट जाते हैं इंसान को भलाई के अच्छे कर्म करने चाहिए जिससे उसको जीवन में सुख मिलता है और प्रभु का सिमरन करने वालों को स्वर्ग का रास्ता मिलता है जिससे उनकी आत्मा मालिक के चरणों में वास करती है और उसकी आत्मा को शांति मिलती है

इससे सभी साध संगत को देहदान व रक्तदान महा कल्याण करने की प्रेरणा लेनी चाहिए के अनमोल प्रवचन सुनाएं

इस दौरान सिरसा से आए डेरा सच्चा सौदा मानवता भलाई केंद्र के इसा बद्री प्रसाद,इसा मदनलाल ,इंसा चरण सिंह व गोकुलचंद ने संगत को अनमोल प्रवचन सुनते हुए कहा कि देहदानी परिवार को ढाढस बधाते हुए बधाई दी और कहा की देहदानी की आत्मा मालिक के चरणों में विराजमान है उन्हें घबराना नहीं चाहिए

इस दौरान उक्त कमेटी ने देहदानी परिवार को देहदान करने का मेडिकल कॉलेज प्रमाण पत्र व समृद्धि चिन्ह देकर सम्मानित किया गया
इसी कर्म की प्रेरणा से चुनावढ ब्लॉक केंद्र के डेरा प्रेमी गुरादिता कालड़ा, जसवीर पांच जी, पवन कुमार खत्री, अवतार सिंह 10 एल एल ,राजकुमार सहित दर्जन भर प्रेमियों ने अपनी देहदान करने के लिए फॉर्म भरकर शरीर दान करने की घोषणा की गई है
इस दौरान देहदानी परिवार द्वारा पांच जरूरतमंद गरीब परिवारों को राशन किटें वितरण की गई अंतिम अरदास पर देहदानी परिवार के सदस्य बनवारी लाल व रणजीत सिंह ने आई साध संगत का आभार व्यक्त किया
इसके बाद अंतिम अरदास कर संगत में प्रसाद बांटा गया तत्पश्चात गुरु का अटूट लंगर बरताया गया।
