
पूर्व विधायक की चेतावनी 15 दिन में काम शुरू नहीं हुआ तो 12 फरवरी से अनिश्चितकालीन महापड़ाव

रायसिंहनगर | 29 फ़रवरी 2026मनरेगा के मुद्दे पर शुक्रवार को रायसिंहनगर में सियासी पारा उस वक्त चरम पर पहुंच गया, जब ब्लॉक कांग्रेस कमेटी और मनरेगा मेट मज़दूर यूनियन ने उपखंड अधिकारी (एसडीएम) कार्यालय का घेराव कर दिया। पहले से घोषित कार्यक्रम के तहत बड़ी संख्या में मनरेगा मज़दूर और कांग्रेस कार्यकर्ता एसडीएम कार्यालय के बाहर एकत्रित हुए और ज़ोरदार नारेबाज़ी के साथ प्रशासन को घेरा।
एसडीएम कार्यालय के सामने आयोजित सभा को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक सोना देवी बावरी ने केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि “मनरेगा ग़रीबों की जीवनरेखा है, लेकिन केंद्र सरकार इसे धीरे-धीरे खत्म करने की साज़िश कर रही है। यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”सभा में कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष एवं क्रय-विक्रय सहकारी समिति के चेयरमैन राकेश ठोलिया ने ऐलान किया कि मनरेगा मज़दूरों की इस लड़ाई में कांग्रेस का हर कार्यकर्ता मैदान में है। उन्होंने कहा, “अगर ज़रूरत पड़ी तो आख़िरी सांस तक संघर्ष किया जाएगा, मनरेगा को बंद नहीं होने देंगे।”महिला कांग्रेस सेवादल की जिला अध्यक्ष गोगा देवी नायक ने कहा कि महिला कार्यकर्ता मज़दूरों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर आंदोलन में खड़ी रहेंगी। वहीं महिला कांग्रेस जिला अध्यक्ष कमला बिश्नोई ने दो टूक कहा कि “मनरेगा कोई एहसान नहीं, ग़रीबों का संवैधानिक अधिकार है।
”सभा को कांग्रेस एससी डिपार्टमेंट के जिला प्रभारी हरिसिंह, उप प्रधान संतोष बिश्नोई, यूथ कांग्रेस के अजय बिश्नोई, नवाब ख़ान, मनरेगा मज़दूर यूनियन के जिलाध्यक्ष विक्रम, ब्लॉक अध्यक्ष रामस्वरूप नायक, पूर्व पार्षद संत लाल मेघवाल, योगेश बिश्नोई सहित कई नेताओं ने भी संबोधित किया।सभा के बाद हालात उस वक्त और गरमा गए, जब सभी मनरेगा मज़दूर और कांग्रेस कार्यकर्ता एसडीएम कार्यालय के मुख्य गेट के भीतर घुसकर घेराव करने लगे। मौके पर तहसीलदार और विकास अधिकारी पहुंचे, लेकिन छह नंबर फ़ॉर्म की रसीद नहीं देने को लेकर ब्लॉक अध्यक्ष राकेश ठोलिया और विकास अधिकारी के बीच तीखी बहस हो गई।
रसीद न मिलने से आक्रोशित राकेश ठोलिया ने प्रशासन से किसी भी तरह की बातचीत से इंकार करते हुए घेराव जारी रखने का ऐलान कर दिया। स्थिति बिगड़ती देख प्रशासन में हड़कंप मच गया।हालात की नज़ाकत को देखते हुए एसडीएम सुभाष चौधरी खुद मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर स्थिति को संभाला। एसडीएम ने तत्काल छह नंबर फ़ॉर्म की रसीद जारी करने के आदेश दिए और अन्य मांगों को लेकर राज्य सरकार को ज्ञापन भेजने पर सहमति बनी।इसके बाद एसडीएम कार्यालय का घेराव समाप्त किया गया, लेकिन जाते-जाते कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन को खुली चेतावनी दे दी।पूर्व विधायक सोना देवी बावरी और ब्लॉक अध्यक्ष राकेश ठोलिया ने साफ कहा कि अगर 15 दिन के भीतर मनरेगा के कार्य शुरू नहीं हुए, तो 12 फ़रवरी से एसडीएम कार्यालय पर अनिश्चितकालीन महापड़ाव शुरू किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
