चूनावढ के ज्ञानी राम इंसा बने मिसाल, देहदान कर रचा मानवता का इतिहास

डेरा सच्चा सौदा की प्रेरणा से मेडिकल कॉलेज झज्जर (हरियाणा) के लिए किया शरीर दान

महेन्द्र सिंह परवाना, चुनावढ

चूनावढ कस्बे से मानवता की मिसाल पेश करने वाली एक प्रेरणादायक खबर सामने आई है। डेरा सच्चा सौदा की पावन प्रेरणा से चूनावढ निवासी मास्टर प्रेमी श्री ज्ञानी राम इंसा ने देहदान कर समाज के लिए अमिट उदाहरण छोड़ दिया। वे चूनावढ कस्बे के पहले व्यक्ति बने, जिन्होंने मरणोपरांत शरीर दान का महादान किया।श्री ज्ञानी राम इंसा ने जीवन रहते ही शरीर दान का संकल्प लिया था, जिसे उनकी मृत्यु के बाद उनके परिजनों व डेरा सच्चा सौदा के सेवाभावी कार्यकर्ताओं ने पूर्ण किया। उनका पार्थिव शरीर मेडिकल कॉलेज झज्जर (हरियाणा) के लिए दान किया गया।नम आंखों से निकली अंतिम देह यात्रा

श्री ज्ञानी राम इंसा की अंतिम देह यात्रा उनके निवास स्थान नामचर्चा घर से आरंभ होकर मेन बाजार होते हुए बस स्टैंड तक निकाली गई। यात्रा में सैकड़ों की संख्या में डेरा प्रेमी शामिल हुए।जगह-जगह पुष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान“धन-धन सतगुरु तेरा ही आसरा”और “ज्ञानी राम इंसा अमर रहें”के नारों से माहौल गूंज उठा।

मानवता भलाई को समर्पित रहा जीवनडेरा सच्चा सौदा के संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी की प्रेरणा से मास्टर प्रेमी ज्ञानी राम इंसा ने अपना संपूर्ण जीवन मानवता भलाई के कार्यों में समर्पित कर दिया। अंतिम समय में भी उन्होंने अपने दृढ़ विश्वास को व्यक्त करते हुए झज्जर मेडिकल कॉलेज के लिए देहदान की वीडियो रिकॉर्डिंग भी करवाई थी।डेरा सच्चा सौदा सिरसा से पहुंची टीम ने एंबुलेंस के माध्यम से पार्थिव शरीर को सम्मानपूर्वक मेडिकल कॉलेज झज्जर के लिए रवाना किया।

25 जनवरी को हुआ निधनउल्लेखनीय है कि 25 जनवरी को 72 वर्ष की आयु में श्री ज्ञानी राम इंसा का निधन हो गया था। कुछ दिनों से उनका स्वास्थ्य खराब चल रहा था। वे अपने पीछे भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं, जो डेरा सच्चा सौदा में गहरी आस्था रखता है।

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